Sunday, August 2, 2009

आज रो मौसम

आज रो मौसम नशिलो देख्ल्यो

मैक रियो आकास गीलो , देख्ल्यो!

थांरे हाथां मेंदी के रची

खिल उठ्यो सावन सजिलो देखलो!

पुरवाई धीमे सी कानां आ कही

उडीक रियो कोई छबीलो देख्ल्यो!

चाँद ने गिटग्यो ज्यूँ कोई साब्तो

आपरो जोबन हठीलो देख्ल्यो!

प्रियदर्शिनी

No comments:

Post a Comment